
3 दिसंबर 1998 को हरि ओम सेवा दल की स्थापना श्री विजय खुराना जी एवं श्री संजय खुराना जी द्वारा की गई। उद्देश्य था ऐसा दल बनाया जाए जिसमें युवा शक्ति सेवा कार्यों से जुड़ सके। बहुत से युवा इस दल से जुड़े एवं मुख्य 4 उद्देश्य को शुरूआत में लेकर चले। गरीब असहाय लोगों का सहारा बनना, गरीब लड़कियों की शादी करवाना, जल सेवा एवं मेडिकल सेवा। 2008 में असहाय लोगों के लिए गांधी कैम्प में सहारा आश्रम की शुरूआत की गई सहारा आश्रम में उन लोगों को रखा जाता है जो गंभीर दुर्घटना का शिकार होते है और उन्हें अपने परिचित लोगों के बारे में याद नही रहता। हरि ओम सेवा दल के सेवाभावी स्वयंसेवक भर्ती लोगों की खूब सेवा करते हैं और इन्हें इनके परिचितों से मिलवाने में सहायक सिद्ध होते हैं। अब तक 2500 लोगों को हरि ओम सेवा दल उनके परिवारजनों से मिला चुका है। वर्तमान में यह आश्रम सैक्टर-4 नजदीक जिमखाना क्लब के पास स्थापित हो चुका है। यहाँ दल के पास सेवा करने की बड़ी जगह है। इस आश्रम का पूरा नाम मिट्ठन लाल गिरिश गुप्ता सहारा आश्रम है। कैम्प स्थित आश्रम को कम्प्यूटर सैंटर, डिस्पेंसरी एवं अटल सवेा केंद्र में बदला गया है। कम्प्यूटर सैंटर में 40 बच्चे नियमित शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं। दल द्वारा अब तक 60 रक्तदान शिविर एवं 55 स्वास्थ्य जाँच शिविर लगाए गए हैं। सहारा आश्रम में इस समय 40 असहाय लोगों की सेवा हो रही है। दल द्वारा 25 पानी के प्याऊ विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए है। दल द्वारा निःशुल्क एम्बुलैंस सेवा भी दी जाती है। हरि ओम सेवा दल द्वारा में च्ळप् विभिन्न प्रकार की सेवाएं दी जाती हैं जैसे:- दवाइयों की सेवा, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर की सेवा। जिन लोगों के पास कोई ।जजमदकमदज नहीं होता हरि ओम सेवा दल के स्वयंसेवक ।जजमदकमदज बनकर सेवा भी करते हैं।
